बालाघाट जिले के तीन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता मंजूर हुई है। कलेक्टर कुमार सत्यम ने महर्षि वाल्मीकि योजना के तहत प्रत्येक विद्यार्थी के लिए 50 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं।

नीट में सफल दो विद्यार्थियों को सहायता

लांजी तहसील के ग्राम मोहारा की शिवानी बिंझलेकर और खैरलांजी तहसील के ग्राम चिखलाबांध के निशांत रानाडे को नीट उत्तीर्ण करने पर यह राशि दी जाएगी। दोनों विद्यार्थी आरकेडीएफ डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, भोपाल में आगे की पढ़ाई करेंगे।

खास बातें

  • शिवानी बिंझलेकर और निशांत रानाडे को नीट में सफलता पर राशि मंजूर
  • पूर्वी मेश्राम को जेईई मेन्स उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये स्वीकृत
  • योजना में पात्र परिवार की वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये तक

पूर्वी मेश्राम आईआईटी दिल्ली में करेंगी पढ़ाई

लालबर्रा तहसील के ग्राम धरपीवाड़ा की पूर्वी मेश्राम के लिए जेईई मेन्स उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। वह आगे की पढ़ाई आईआईटी दिल्ली में करेंगी।

किसे मिलता है योजना का लाभ

मध्यप्रदेश शासन की महर्षि वाल्मीकि योजना अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित है। परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक होने पर जेईई, नीट और क्लैट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

तीनों स्वीकृतियों को मिलाकर बालाघाट जिले के विद्यार्थियों के लिए कुल 1 लाख 50 हजार रुपये मंजूर हुए हैं। इस सहायता का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने वाले पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।