पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बड़वानी में हिंदी माह के अंतर्गत विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री कुंदन राठौर के मार्गदर्शन में हिंदी साहित्य के इतिहास पर कक्षा 11 वीं के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य के विभिन्न कालखंडों, उनकी प्रमुख विशेषताओं तथा साहित्यिक विकास-यात्रा से परिचित कराना था। प्रस्तुति में आदिकाल का प्रतिनिधित्व योमित गंगवाल ने किया।
उन्होंने आदिकाल की समय-सीमा लगभग 1050 से 1375 ई. (विक्रम संवत् 1050दृ1375 के पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार) बताते हुए इस काल की प्रमुख साहित्यिक प्रवृत्तियों एवं वीरगाथात्मक परंपरा पर प्रकाश डाला। भक्तिकाल का प्रतिनिधित्व चंदन जारेवाल ने किया। उन्होंने लगभग 1375 से 1700 ई. के बीच विकसित भक्तिकाल की प्रमुख धाराओंकृनिर्गुण एवं सगुण भक्तिकृतथा संत, सूफी, रामभक्ति और कृष्णभक्ति परंपराओं के बारे में जानकारी दी।
इस काल में भक्ति, लोकभाषा और मानवीय मूल्यों को साहित्य में विशेष स्थान मिलने की बात भी बताई। रीतिकाल की भूमिका प्रिया भावर ने निभाई। उन्होंने लगभग 1700 से 1900 ई. के रीतिकाल की विशेषताओं, काव्यशास्त्रीय परंपरा, श्रृंगार-प्रधान काव्य तथा अलंकार और नायिका-भेद जैसी प्रवृत्तियों के बारे में विस्तार से बताया। आधुनिक काल का प्रतिनिधित्व प्रिया बघेल ने किया।
उन्होंने लगभग 1900 ई. से वर्तमान तक के आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास पर प्रकाश डालते हुए गद्य-विधाओं के विस्तार, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध, पत्रकारिता तथा सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना के साहित्य में उभरने की जानकारी दी। कार्यक्रम की सूत्रधार छात्रा गायत्री मुवेल रही। उन्होंने विभिन्न कालखंडों के बीच सार्थक कड़ी स्थापित करते हुए कार्यक्रम को क्रमबद्ध, सहज और रोचक बनाए रखा।
विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने हिंदी साहित्य के इतिहास को केवल पुस्तकीय विषय न रखकर जीवंत अनुभव में बदल दिया।
कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य कुंदन राठौर ने विद्यार्थियों के इस प्रयास को हिंदी की विकास यात्रा को रेखांकित करने में मील का पत्थर बताया. कार्यक्रम की संयोजिका आभा जैन थी. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हिंदी साहित्य केवल विभिन्न कालखंडों का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय समाज, संस्कृति, भक्ति, कला, विचार और बदलती सामाजिक चेतना की समृद्ध यात्रा है।






