मुरैना के टीआरएस इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा से जुड़े संकेत पहचानने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के तरीके बताए गए। 22 सितम्बर को हुए कार्यक्रम में बाल अधिकार, बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं पर भी संवाद हुआ।

यह जागरूकता कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग बनाना था।

खास बातें

  • असहज स्पर्श की जानकारी विश्वसनीय वयस्क को तुरंत देने की सीख
  • महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 बताए
  • बाल विवाह, बालिका शिक्षा और समानता के अधिकार पर विद्यार्थियों से संवाद

असहज स्पर्श को छिपाने के बजाय बताने की सलाह

विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श का अंतर समझाया गया। उनसे कहा गया कि किसी असहज या अनुचित स्पर्श की स्थिति में डरने के बजाय माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत जानकारी दें।

कार्यक्रम में पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और बच्चों को लैंगिक अपराधों से मिलने वाले कानूनी संरक्षण की जानकारी दी गई। किसी अनुचित घटना को छिपाने के बजाय सक्षम संस्था या भरोसेमंद व्यक्ति तक बात पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

तीन हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं बताईं

वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक अपूर्वा चौधरी ने महिलाओं को केंद्र के माध्यम से मिलने वाली विभिन्न सहायता और सेवाओं के बारे में बताया। विद्यार्थियों को महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 नंबर की जानकारी दी गई।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह के दुष्परिणाम, बालिकाओं के अधिकार और शिक्षा के महत्व पर चर्चा हुई। जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम, समान अवसर और सुरक्षित व सम्मानजनक वातावरण बनाने में सामाजिक भागीदारी पर भी बात की गई।

कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्य शिल्पी जैन, रानू रावत, शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। विद्यार्थियों के लिए बताए गए हेल्पलाइन नंबर जरूरत के समय सहायता या शिकायत दर्ज कराने के माध्यम के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं।