रांझी निवासी दीपिका जाट ने वर्ष 2024 में घर से ‘बृजवासी ऑयल’ के नाम से कोल्ड प्रेस्‍ड ऑयल का काम शुरू किया। शुरुआत का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि लोगों को शुद्ध तेल उपलब्ध कराने के साथ परिवार और समाज के लिए ऐसा काम खड़ा करना था, जो लंबे समय तक याद रहे। करीब दो साल में कारोबार ने रफ्तार पकड़ी और अब वे अन्य लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दीपिका जाट के परिवार का मूल संबंध मथुरा से है। वहां सरसों का तेल खान-पान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परिवार जब मथुरा जाता था तो सामने सरसों का तेल निकलवाकर डिब्बों में भरकर जबलपुर लाता था। जब तेल खत्म होता तो यहां बाजार से तेल खरीदना पड़ता था। इसी दौरान बाजार में मिलने वाले तेल की शुद्धता को लेकर उनके मन में सवाल उठने लगे। उन्होंने इस संबंध में जानकारी जुटाई और रिसर्च के बाद कोल्ड प्रेस्‍ड ऑयल का काम शुरू करने का निर्णय लिया।

पति मार्केटिंग संभालते हैं, दीपिका देखती हैं प्रोडक्शन

दीपिका बताती हैं कि कोल्ड प्रेस्‍ड ऑयल का कारोबार शुरू करने का आइडिया उनके पति धर्मेंद्र जाट का था। दोनों ने मिलकर जिम्मेदारियां बांट लीं। धर्मेंद्र मार्केटिंग और ग्राहकों से जुड़ा काम देखते हैं, जबकि दीपिका तेल के प्रोडक्शन और उत्पादन की पूरी प्रक्रिया संभालती हैं।

दीपिका के मुताबिक दोनों की सोच थी कि पैसा केवल सुरक्षित रखकर ब्याज कमाने के बजाय उससे कोई ऐसा काम शुरू किया जाए, जिससे आमदनी के साथ आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी बढ़े। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी बचत को कारोबार में लगाया।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिला 6.80 लाख का ऋण

कारोबार शुरू करने में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना के माध्यम से उन्हें 6 लाख 80 हजार रुपए का ऋण मिला। इसके बाद उन्होंने बाजार में उपलब्ध मशीनों और तकनीक की जानकारी जुटाई। गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए कोल्ड प्रेस तकनीक का चयन किया। कोल्ड प्रेस मशीन, केक मशीन (खली) सहित आवश्यक मशीनरी पर करीब 5 लाख रुपए खर्च किए।

घर से ही शुरू किया कारोबार, ग्राहकों के सामने निकलवाया तेल

शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों का भरोसा जीतना था। इसलिए उन्होंने अलग दुकान खोलने के बजाय घर से ही कारोबार शुरू किया। उनका मानना था कि ग्राहक यदि अपनी आंखों के सामने तेल निकलते देखेगा तो उसके मन में मिलावट को लेकर संदेह नहीं रहेगा।

जो ग्राहक तेल लेने आते, उन्हें वे सामने बैठकर तेल निकलवाने की सुविधा देते। धीरे-धीरे इस पारदर्शी तरीके का असर हुआ और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया। एक ग्राहक दूसरे को बताने लगा और कारोबार का दायरा बढ़ता चला गया।

तेल में मिलावट साबित करने वाले को 1 लाख रुपए इनाम

ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए उन्होंने अपने प्रतिष्ठान पर एक अनोखा बोर्ड लगाया है। इसमें लिखा है कि यदि उनके तेल में किसी भी प्रकार की मिलावट या छेड़छाड़ साबित होती है तो संबंधित व्यक्ति को 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

दीपिका बताती हैं कि कारोबार में सबसे महत्वपूर्ण चीज ग्राहक का विश्वास है। जब ग्राहक को उत्पाद की गुणवत्ता पर भरोसा होता है तो वह खुद दूसरे लोगों को भी इसके बारे में बताता है।

हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपए का कारोबार

करीब दो साल में कारोबार ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है। वर्तमान में वे हर महीने करीब 1 से 1.5 लाख रुपए का माल बेच रही हैं। इस हिसाब से सालाना कारोबार करीब 10 से 12 लाख रुपए तक पहुंच रहा है। कारोबार बढ़ने के साथ अब वे दूसरी मशीन लगाने की तैयारी कर रही हैं। साथ ही दो-एक लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।

अब ग्राहकों के तेल की भी टेस्टिंग की तैयारी

दीपिका अब ग्राहकों के बीच शुद्धता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी टेस्टिंग किट तैयार करने की योजना पर काम कर रही हैं। उनका उद्देश्य है कि लोग अपने घर में इस्तेमाल होने वाले तेल की जांच करा सकें। वे ग्राहकों को यह सुविधा भी देना चाहती हैं कि वे उनके तेल की भी टेस्टिंग कराएं और गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद ही उसे खरीदें।

कमाई के साथ समाज को कुछ लौटाने का उद्देश्य

दीपिका जाट का कहना है कि कारोबार शुरू करने का उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं था। कमाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ समाज को कुछ वापस देना भी जरूरी है। उनका सपना ऐसा काम खड़ा करना है, जो उनके नहीं रहने के बाद भी परिवार और समाज के लोगों के काम आए और किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत न पड़े।

वे इस उद्योग की शुरुआत में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के सहयोग को सबसे महत्वपूर्ण मानती हैं। इसके लिए वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।