मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के प्रशासनिक न्यायाधीश एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के मार्गदर्शन में एक सराहनीय पहल की गई है। इसके अंतर्गत कला निकेतन पोलिटेक्निक कॉलेज, जबलपुर में प्रातः 11:00 बजे मूक-बधिर दिव्यांग विशेष व्यक्तियों एवं विद्यार्थियों के लिए 06 दिवसीय विशेष सांकेतिक भाषा का शुभारंभ कार्यक्रम एवं विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिविसेप्रा, जबलपुर की सचिव श्रीमती शक्ति वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि इस विशेष सांकेतिक भाषा पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मूक-बधिर दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है।
उन्होंने रेखांकित किया कि यह प्रशिक्षण उन्हें अपनी बात, समस्याओं और महत्वाकांक्षाओं को शासन के सक्षम अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता करेगा, जिससे वे किसी भी शासकीय जनकल्याणकारी योजना और सुविधा से वंचित न रहें तथा आम नागरिक की तरह आत्मनिर्भर बनकर समाज व देश की उन्नति में अपना सक्रिय योगदान दे सकें।
शुभारंभ अवसर पर कला निकेतन पोलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री एस. के. पाण्डेय, व्याख्याता श्रीमती शैली धोपे, विशेष सांकेतिक भाषा के प्रशिक्षक श्री अक्षय सोनी एवं सुश्री अनुश्री नेमा मौजूद रहे। इसके साथ ही राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सत्कार अधिकारी श्री व्यासमूनि यादव, आई.टी. ऑफिसर श्री सत्येंद्र त्रिपाठी, श्री रविंद्र गुर्जर तथा राज्य व जिला प्राधिकरण जबलपुर के कर्मचारीगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन कु. काजल नीखरे द्वारा किया गया।





